कोरबा

बालको के उत्कृष्ट जल प्रबंधन से स्थानीय जीवन स्तर में आया बदलाव,

कोरबावाणी – वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) जल प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही है। स्थानीय समुदायों के लिए कृषि तालाब, सामुदायिक तालाब और चेक डैम का निर्णाण तथा कायाकल्प कर गुणवत्तापूर्ण जल के भंडारण में वृद्धि की है। बालको ने अपनी जल प्रबंधन परियोजनाओं से पेय जल एवं कृषि कार्य हेतु स्थानीय नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने और आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने के लिए पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित किया है।

स्थानीय समुदायों के लिए सिंचाई और पीने के पानी की जरूरतों में सहायता करते हुए बालको ने वित्त वर्ष 2023 में लगभग 21 मिलियन लीटर की कुल भंडारण क्षमता के साथ कुल 108 पानी के बुनियादी ढांचे, जिसमें 19 कृषि तालाब, 2 सामुदायिक तालाब, 81 चेक डैम, 6 कुएं का निर्माण किया है। अबतक कंपनी ने 85 मिलियन लीटर की संचयी भंडारण क्षमता के साथ इस क्षेत्र में 150 से अधिक चेक डैम, कृषि तालाब, सामुदायिक तालाब आदि विकसित किए हैं। बालको की उत्कृष्ट जल प्रबंधन की वजह से स्थानीय किसान वर्ष में एक से अधिक फसल उगा रहे हैं जिससे आसपास के लगभग 200 किसान लाभान्वित हुए हैं। स्थानीय समुदाय के पेय जल पूर्ति के अलावा जल प्रबंधन ने मृदा संवर्धन में नमी की मात्रा और भूजल स्तर को बढ़ाने तथा क्षेत्र में कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने में योगदान दिया है।

जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और निदेशक श्री अभिजीत पति ने कहा कि जल एक महत्वपूर्ण संसाधन है जो भूमि, जलवायु और पारिस्थितिक तंत्र के साथ-साथ समाज, संस्कृति और अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है। इसलिए बालको में हम जल संसाधन के प्रभावी प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिसका लक्ष्य स्थानीय समुदायों की आजीविका और क्षेत्र में प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार करना है। बालको अपने ईएसजी लक्ष्यों के साथ समाज और पर्यावरण में अच्छे बदलाव के लिए प्रतिबद्ध हैं। करुमौहा गांव के किसान अशोक मंझवार ने कहा कि बालको द्वारा निर्मित जल संरचनाएं स्थानीय नागरिकों के लिए बहुत मददगार साबित हुई हैं। जल उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद सिंचाई सुविधाओं और फसल उत्पादन में बढ़ोत्तरी हुई है। बढ़े उत्पादन के परिणामस्वरूप वार्षिक आय में वृद्धि हुई और हमारे जीवन स्तर में भी सुधार हुआ है।

स्वयं सेवी संगठन एक्शन फॉर फूड प्रोडक्शन (एएफपीआरओ) के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रमुख डॉ. एस श्रीवास्तव ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन तथा किसानों की सामाजिक-आर्थिक प्रगति के लिए बालको और एएफपीआरओ मिलकर काम कर रहे हैं। किसान इस परियोजना के जरिए मृदा एवं जल प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग से परिचित हो रहे हैं। यह बालको की दूरदर्शिता एवं दृष्टिकोण के साथ समय-समय पर मार्गदर्शन तथा समर्थन के कारण ही संभव है। समाज और पर्यावरण के उत्थान हेतु किसानों की मदद की दिशा में बालको की परियोजना प्रशंसनीय है, 

Kush Sharma

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button