Korbavani.com । पुलिस अधीक्षक कार्यालय में 18 अगस्त 2026 को गुलाम मेमन द्वारा रवि साहू, दीपक साहू एवं राजेश साहू के खिलाफ की गई शिकायत के बाद मामला नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। तीनों ने शिकायत को निराधार एवं मनगढ़ंत बताते हुए पुलिस प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शिकायतकर्ता द्वारा लंबे समय से उन पर पैसे देने का दबाव बनाया जा रहा था और मांग पूरी नहीं होने पर उनके खिलाफ शिकायत की गई।रवि साहू सहित अन्य आवेदकों का कहना है कि उन पर अवैध कबाड़ कारोबार, चोरी का लोहा खपाने और सिंडिकेट संचालित करने जैसे लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं। उनका दावा है कि वर्तमान में जिले में कबाड़ कारोबार बंद है और वे किसी भी अवैध गतिविधि में संलिप्त नहीं हैं।आवेदक रवि साहू ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता द्वारा पूर्व में भी उसके खिलाफ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत की गई थी, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। रवि साहू का कहना है कि उसके पास कथित रूप से पैसों की मांग से संबंधित ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिसे जांच के दौरान पुलिस को सौंपा जाएगा।आवेदकों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत में मानिकपुर चौकी, कोतवाली थाना एवं बालको पुलिस सहित पुलिस प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं, जिससे पुलिस विभाग की छवि प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि एनटीपीसी, सीएसईबी और बालको जैसे औद्योगिक संस्थानों से कबाड़ चोरी के आरोप लगाए गए हैं, जबकि इन संस्थानों की अपनी सुरक्षा व्यवस्था एवं औद्योगिक सुरक्षा तंत्र मौजूद है।सबसे बड़ा सवाल यह भी उठाया गया है कि यदि शिकायतकर्ता स्वयं को समाजसेवा से जुड़ा व्यक्ति बताता है, तो वह विभिन्न वाहनों को रोककर पूछताछ करने में क्यों लगा रहता है। आवेदकों के अनुसार, शिकायतकर्ता करीब एक वर्ष से पैसों की मांग कर रहा था और कथित तौर पर नगद राशि दिए जाने के बावजूद मांग जारी रही।आवेदकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर शिकायत की सत्यता सामने लाने तथा यदि आरोप झूठे पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
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