Uncategorized

इंसानों के बीच भटकता पहुंचा दुर्लभ पैंगोलिन, ग्रामीणों ने नहीं छेड़ा तो सुरक्षित हुआ रेस्क्यू, जंगल में मिली नई जिंदगी.. देखें वीडियो…

Korbavani.com। जिले के ग्राम पाली पढ़निया में देर रात उस समय कौतूहल मच गया, जब एक दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीव भारतीय पैंगोलिन (कहट) अचानक एक ग्रामीण के घर के आंगन में पहुंच गया। रात करीब 12:30 बजे रामरतन सिंह कंवर के घरवालों की नजर पैंगोलिन पर पड़ी। घर के आंगन में दुर्लभ वन्यजीव को देखकर परिवार और आसपास के ग्रामीणों में उत्सुकता बढ़ गई।ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए पैंगोलिन को पकड़ने या उसके साथ छेड़छाड़ करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी कोरबा जितेंद्र उपाध्याय के निर्देश और उप वनमंडलाधिकारी मणिकांत वर्मा के मार्गदर्शन में नोवा नेचर के जितेंद्र सारथी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टीम ने आवश्यक सावधानियों के साथ पैंगोलिन को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। इस दौरान वन्यजीव को किसी तरह की चोट न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा गया। विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद पैंगोलिन को उसके अनुकूल प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया।ग्रामीणों की जागरूकता से बची दुर्लभ वन्यजीव की जानपैंगोलिन के रेस्क्यू ऑपरेशन में ग्रामीणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। निखिल कंवर, गजेंद्र कंवर, मनीष, रामरतन, सत्यम, सुशील कंवर सहित अन्य ग्रामीणों ने रेस्क्यू टीम को सहयोग दिया। ग्रामीणों ने वन्यजीव को नुकसान पहुंचाने के बजाय समय रहते वन विभाग को सूचना देकर संवेदनशीलता का परिचय दिया।जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है पैंगोलिनभारतीय पैंगोलिन (Manis crassicaudata) मुख्य रूप से चींटियों और दीमकों को अपना भोजन बनाता है और वन पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कोरबा के विस्तृत वन क्षेत्र में समय-समय पर पैंगोलिन की मौजूदगी सामने आती रही है।उप वनमंडलाधिकारी मणिकांत वर्मा ने बताया कि भारतीय पैंगोलिन वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में सूचीबद्ध संरक्षित वन्यजीव है। इसके शिकार, अवैध कब्जे और अवैध व्यापार सहित अन्य अपराधों पर कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।वन विभाग ने की अपीलवन विभाग ने ग्रामीणों और आम नागरिकों से अपील की है कि घर, खेत या जंगल के आसपास कोई वन्यजीव दिखाई देने पर उसे पकड़ने, घेरने या छेड़ने का प्रयास न करें। वन्यजीव से सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम द्वारा उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।रेस्क्यू टीम से जुड़े जितेंद्र सारथी ने भी लोगों से वन्यजीव संरक्षण को सामुदायिक जिम्मेदारी मानते हुए संकट में फंसे वन्यजीव की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की है।

Kush Sharma

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button