कोरबा

इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में कक्षा 1 एवं 2 के विद्यार्थियों ने उच्चतम अंक अर्जित कर विद्यालय का किया नाम रौशन|

शिक्षा अंधकार में प्रकाश की किरण हैं, यह निश्चित रुप से एक अच्छे जीवन की आशा है-डॉ. संजय गुप्ता,

Korbavani.com- आज दिन-प्रतिदिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा में छात्र-छात्राओं के सामने स्वयं को साबित करने की होड़ मची हुई है और वही छात्र सफल होता है जो एक निश्चित समय नियोजन को महत्व देते हुए सतत अपने लक्ष्य की ओर ध्यान केन्द्रित कर प्रयासरत रहता है। पूरे वर्ष परिश्रम करने के बाद समय आता है परिणाम का जो छात्र अपने अध्ययन के प्रति ईमानदार रहता है निश्चित रुप से उसका परिणाम भी उत्कृष्ट आता है। क्योंकि आज के प्रतिस्पर्धी युग में यदि हम उचित मार्गदर्शन और सही समय नियोजन के बिना अंधप्रयास करें तो एक बात तय है कि हम आंशिक रुप से सफल तो जरुर हो जाएंगे पर जिंदगी में चाही गई इच्छाएँ अधूरी रह जाएंगी ।प्रत्येक छात्र-छात्राओं के साथ उनकी खुद की इच्छाओं के साथ-ही-साथ परिवार की भी कुछ उम्मीदें होती हैं। यदि समय रहते छात्रों को उचित मार्गदर्शन मिल जाए तो वे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में सतत प्रयासरत रहते हैं और अपनी मंजिल को प्राप्त करते हैं। आई0पी0एस0 दीपका में समय-समय पर विभिन्न मोटिवेशनल स्पीकरों के माध्यम से छात्रों में ऊर्जा भरने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे छात्र-छात्राएँ भली-भाँति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए बिना किसी तनाव के अपनी मंजिल पर ध्यान केंद्रित कर निरंतर प्रयासरत रहें। इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में कक्षा पहली एवं दूसरी के वार्षिक परीक्षा परिणामों की घोषणा की गई । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री आर.पी. विश्वकर्मा (जीएम, मारुती पावर प्लांट) एवं डॉ0 आर सी बावरिया सहित बच्चों के अभिभावक उपस्थित थे । कार्यक्रम की शुरूआत माँ सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन से की गई ।इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने परीक्षा प्रभारी श्रीमती सोमा सरकार एवं कक्षा शिक्षिकाओं के सहयोग से परिणामों की घोषणा की गई तथा श्रेणीवार छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि के द्वारा मैडल, प्रमाण-पत्र व कैप पहनाकर सम्मानित किया गया । उपर्युक्त बातों को अक्षरशः पालन करते हुए आई.पी.एस.दीपका ने सफलता पूर्वक सत्र-2022-23 में अपनी उत्तम एवं गुणात्मक अध्यापन प्रणाली को साबित किया। विगत सत्र में सफल छात्र-छात्राओं को स्कूल के प्राचार्य डॉ0 संजय गुप्ता के द्वारा मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। जिसमें क्रमशः टॉप टेन में कक्षा पहली के प्रेरणा कंवर, विरिका प्रिया, सृष्टि, अविराज हूडा, शिवेश अग्रवाल, आरोही शर्मा, डिगेश साहू, ताम्या सिंह, विदिता कंवर एवं सभ्य रत्नाकर ने प्रावीण्य सूची में अपना स्थान बनाया तथा कक्षा दूसरी से टॉप 10 में दिव्यांश चंद्रा, हार्दिका मालव, अक्षांश जायसवाल, हृदयांश मालव, आरव पंडित, आरना मिश्रा, निखिल साहू, रुद्र प्रताप, सौर्य विश्वकर्मा एवं आर्निका दुबे ने अपनी कुशाग्रता का परिचय दिया। सभी मेधावी विद्यार्थियों को मैडल सहित प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया । सभी सफल विद्यार्थियों को प्राचार्य महोदय एवं मंच पर आमंत्रित मुख्य अतिथि एवं अभिभावकों के द्वारा मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय शिक्षिका यामिनी सिंह ने किया। अभिभावकों ने स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों एवं अध्ययन अध्यापन के प्रति संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल के समस्त स्टॉफ अपने कठिन परिश्रम एवं लगन से इतना अच्छा उत्कृष्ट परिणाम दिये हैं, निश्चित रूप से वे बधाई के पात्र हैं । कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था एवं उत्कृष्ट कार्यशैली के प्रति अपनी संतुष्टि व्यक्त की। कार्यक्रम में अच्छी तादाद में अभिभावक उपस्थित थे।इस गौरवमयी कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि आर0पी विश्वकर्मा (जीएम मारुती पावर प्लांट) ने कहा कि शिक्षा जीवन का अमूल्य धन,वह खजाना जिसे कोई नहीं चुरा सकता,जितना खर्च करेंगे, उतना बढे़गा। शिक्षा ही हमें अन्य जीवित प्राणियों अलग करती है।यह मनुष्य को पृथ्वी का सबसे चतुर प्राणी बनाता है।यह हमें सशक्त बनाती है और जीपन की चुनौतियों का कुशलता सं सामना करने के लिए तैयार करती है। यह मानव जीवन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है।जीवन में सफल होने और कुछ अलग करने के लिए शिक्षा बहुत आवश्यक है।अतिथि डॉ0 आर सी बावरिया ने अपने प्रेरक उद्बांधन में कहा कि शिक्षा का महत्व सनातन काल से अब तक है और रहेगा। शिक्षा इस प्रकार की होनी चाहिए कि व्यक्ति अपने परिवेश से परिचित हो सके।शिक्षा हम सभी के भविष्य के लिए बहुत ही आवश्यक साधन है।शिक्षा का उच्च स्तर लोगों की सामाजिक और पारिवारिक सम्मान तथा एक अलग पहचान बनाने में काफी मदद करता है। शिक्षा के बिना जीवन अंधकारमय, यह जीवन के पथ को सदा आलोकित करती है, यह वह शस्त्र है जिससे आप पूरी दुनिया में राज कर सकते हैं। शैक्षणिक प्रभारी सोमा सरकार ने कहा कि शिक्षा ही जीवन का सार है।शिक्षा स्त्री-पुरुष दोनों के लिए समान रुप सें आवश्यक है।एक स्वस्थ, शिक्षित और समृद्ध समाज का निर्माण हम शिक्षा के द्वारा ही कर सकते हैं।यह उज्जवल भविष्यके लिए आवश्यक यंत्र है। जिस प्रकार एक मजबूत घर के लिए उसके नींव का मजबूत होना आवश्यक है उसी तरह एक सशक्त राष्ट्र के लिए बच्चों का शिक्षित होना अतिआवश्यक है । बिना शिक्षा के मनुष्य बिना नीव के घर की तरह होता है । हमें लगातार सीखते रहना चाहिए। शिक्षा एक अनवरत एवं आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है। प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि अच्छी शिक्षा जीवन में बहुत से उद्देश्यों को प्रदान करती है।हमें यह भी ध्यान देना होगा कि किताबी शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए नैतिक एवं व्यावहारिक शिक्षा भी बहुत आवश्यक है।हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि हम संस्कारों के बीज बोकर ही उन्नति की राह में अग्रसर हो सकते हैं।शिक्षा हमें सभ्य सुसंस्कृत बनाती हैं।विद्यालय में शिक्षा के स्तर से हम कभी भी समझौता नही करेंगे एवं सतत रुप से उच्च एवं गुणात्मक शिक्षा पर जोर देंगे। समय-समय पर नवीन एवं आधुनिक समयानुरुप वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से भी हम आने वाले दिनों में शैक्षणिक व्यवस्था को और अपग्रेड करने की दिशा में प्रयासरत रहेंगे एवं बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करेंगे और बच्चों को एक उच्च स्तरीय शैक्षणिक प्रणाली से रुबरु कराएंगे। हम सभी जानते हैं कि कि शिक्षा अंधकार में प्रकाश की किरण हैं।यह निश्चित रुप से एक अच्छे जीवन की आशा है।अशिक्षित समाज पूरी मानव जाति के लिए हमेशा से खतरा रही है। विकास तभी संभव है जब राष्ट्र शिक्षित हो।हम विद्यालय में उच्च एवं गुणवत्तापुर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु हमेशा से कटिबद्ध हैं औ रहेंगे।

Kush Sharma

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