Korbavani.com। पत्नी की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के चर्चित मामले में कोरबा के तृतीय अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी अभिषेक कुमार लदेर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या के अपराध में आजीवन कारावास एवं 100 रुपये अर्थदंड तथा धारा 238 के तहत साक्ष्य नष्ट करने के अपराध में तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं 100 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन के अनुसार, आरोपी और मृतका सुषमा खुसरो वर्ष 2023 से प्रेम संबंध में थे। दोनों ने 5 मई 2024 को बिलासपुर के आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद दोनों कोरबा के गोकुल नगर स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे थे। 22 जुलाई 2025 को दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने तकिए से मुंह और नाक दबाकर पत्नी की हत्या कर दी। बाद में घटना को छिपाने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को आग के हवाले कर दिया। न्यायालय में प्रस्तुत परिस्थितिजन्य एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयान तथा अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना। इस प्रकरण में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक अधिवक्ता कृष्ण कुमार द्विवेदी ने तथ्यों, साक्ष्यों एवं गवाहों को न्यायालय के समक्ष सशक्त और क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी प्रभावी, तथ्यपरक एवं कानूनी दृष्टि से मजबूत पैरवी के चलते अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में सफल रहा, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोषसिद्धि का निर्णय सुनाया।तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने 4 अगस्त 2026 को निर्णय सुनाते हुए आरोपी को तत्काल न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के निर्देश दिए। न्यायालय ने आदेश में आरोपी की पूर्व से बिताई गई अभिरक्षा अवधि का नियमानुसार समायोजन किए जाने का भी उल्लेख किया।
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